SSM Medical College Interns Protest: रीवा SSM मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टर 30 हजार रुपए स्टाइपेंड और 'वन स्टाइपेंड' नीति की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
SSM Medical College Interns Protest: मध्यप्रदेश। रीवा में इन दिनों श्याम शाह मेडिकल कॉलेज (SSM) में इंटर्न डॉक्टरों प्रदर्शन चल रहा है। डॉक्टर 'वन स्टाइपेंड' नीति लागू करने और मासिक स्टाइपेंड 14 हजार रुपए से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की मांग कर रहे हैं। कॉलेज परिसर में जुटे इंटर्न डॉक्टरों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एक समान स्टाइपेंड दिया जाना चाहिए।
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें फिलहाल सिर्फ 14 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलता है, जो उनकी जरूरतों के हिसाब से काफी कम है। उनका कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पताल में नियमित ड्यूटी करते हैं और मरीजों की देखभाल में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार रुपए किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे काफी समय से अपनी मांग सरकार और कॉलेज प्रशासन के सामने रख रहे हैं। कई बार ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। उनका कहना है कि अब उन्हें ठोस फैसला चाहिए।
इंटर्न डॉक्टरों का आरोप है कि मध्य प्रदेश में रीवा मेडिकल कॉलेज की फीस सबसे ज्यादा है, लेकिन यहां मिलने वाला स्टाइपेंड सबसे कम है। उनका कहना है कि हॉस्टल, खाना, आने-जाने और अन्य जरूरी खर्च 14 हजार रुपए में पूरे करना मुश्किल है।
डॉक्टरों का कहना है कि प्रदेश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में अलग-अलग स्टाइपेंड दिया जाता है। इससे छात्रों के बीच असमानता पैदा होती है। इसलिए सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 'वन स्टाइपेंड' नीति लागू की जाए, ताकि सभी इंटर्न डॉक्टरों को बराबर स्टाइपेंड मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने कॉलेज प्रशासन से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिया है कि उनकी मांगें शासन तक पहुंचाई जाएंगी। हालांकि इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि जब तक स्टाइपेंड बढ़ाने और 'वन स्टाइपेंड' नीति पर कोई ठोस फैसला नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




