मध्य प्रदेश सरकार 1 सितंबर को 1.22 लाख से अधिक छात्रों के खातों में 304.98 करोड़ रुपये अंतरित करने जा रही है। इस रिपोर्ट में जानिए इस योजना का वित्तीय ढांचा, पात्रता की शर्तें और डिजिटल एजुकेशन पर इसका वास्तविक असर।

मध्य प्रदेश के शिक्षा बजट और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के विशाल वित्तीय आंकड़ों का यदि जमीनी विश्लेषण किया जाए, तो 1 सितंबर को होने वाला आयोजन काफी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार राज्य के 1 लाख 22 हजार से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को तकनीकी सशक्तिकरण के नाम पर 25-25 हजार रुपए प्रति छात्र वितरित करने जा रही है। इस एक दिन के हस्तांतरण पर राजकोष से 304 करोड़ रुपए से अधिक का प्रत्यक्ष वित्तीय भार पड़ेगा, जिसका उद्देश्य शिक्षा के स्तर को डिजिटल आधार देना बताया जा रहा है।
वित्तीय लेन-देन का मुख्य केंद्र भोपाल का कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर रहेगा। जांच पड़ताल के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान कोई नकद या चेक वितरण नहीं होगा, बल्कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के माध्यम से छात्रों के आधार-सीडेड बैंक खातों में सीधे राशि प्रेषित की जाएगी, जिससे लीकेज की संभावना शून्य हो जाती है।
डेटा का सूक्ष्म अध्ययन करने पर सामने आता है कि सरकार ने 1.22 लाख से अधिक लाभार्थियों के लिए कुल 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपए की सटीक राशि का प्रावधान किया है। प्रत्येक पात्र छात्र के खाते में 25,000 रुपए की निश्चित राशि अंतरित होगी। यह राशि बाजार में एक मध्यम-श्रेणी का बेसिक स्टूडेंट लैपटॉप खरीदने के लिए पर्याप्त मानी गई है।
विश्लेषण बताता है कि योजना के अंतर्गत सिर्फ वही छात्र चुने गए हैं जिन्होंने मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की मुख्य परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। इसके साथ ही 'फर्स्ट अटेम्प्ट' (प्रथम प्रयास) की अनिवार्य शर्त लगाकर सप्लीमेंट्री या दूसरे प्रयास में 75% लाने वालों को बाहर रखा गया है, ताकि केवल निरंतर मेधावी छात्रों को ही यह प्रोत्साहन मिले।
नीतिगत दस्तावेजों के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच 'डिजिटल डिवाइड' को समाप्त करना है। लैपटॉप के जरिए छात्र इंटरनेट, ई-लर्निंग, डिजिटल स्टडी मटेरियल और कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की तैयारी के संसाधनों से सीधे जुड़ सकेंगे, जिससे सरकारी स्कूलों के छात्रों का प्रदर्शन उच्च शिक्षा में बेहतर होने का अनुमान है।
इस पड़ताल का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू स्कूटी योजना की प्रशासनिक स्थिति है। विश्लेषकों का मानना है कि लैपटॉप योजना के ठीक बाद सरकार मेधावी विद्यार्थियों के लिए स्कूटी योजना की घोषणा करने की तैयारी में है। संबंधित विभाग इसके क्रय और वितरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहा है, जिसके लिए शीघ्र ही एक पृथक राज्य स्तरीय आयोजन तय किया जाएगा।


