Loading...
Loading...
Mauganj Adivasi Protest: मऊगंज में पुनर्वास की मांग को लेकर 30 से अधिक आदिवासी परिवारों ने कलेक्ट्रेट का गेट जाम कर प्रदर्शन किया। प्रशासन ने सगरा में जमीन आवंटित करने का आश्वासन दिया।
Mauganj Adivasi Protest: मऊगंज। किसी भी गरीब परिवार के लिए घर सिर्फ चार दीवारें नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी की कमाई और अपनों की सुरक्षा का सहारा होता है। लेकिन मऊगंज जिले में 30 से अधिक आदिवासी परिवारों का यही सहारा टूट गया। आरोप है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में उनके मकान तोड़ दिए गए, लेकिन 21 दिन बाद भी उन्हें रहने के लिए नई जगह नहीं मिली।
इसी नाराजगी में मंगलवार को दलित-आदिवासी महासभा के नेतृत्व में प्रभावित परिवार कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्य गेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि झऊरा और आसपास के गांवों में मानसून के दौरान मकान तोड़ दिए गए।
उस समय प्रशासन ने जल्द ने घर देने का भरोसा दिया था, लेकिन तीन हफ्ते बीतने के बाद भी न जमीन मिली और न ही रहने का कोई इंतजाम किया गया।
बारिश में खुले आसमान के नीचे गुजर रही जिंदगी
बेघर हुए परिवारों का कहना है कि बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे रहना उनकी सबसे बड़ी मजबूरी बन गया है। प्लास्टिक की चादरों के सहारे दिन-रात काट रहे परिवारों का राशन भीग रहा है और छोटे बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं। महिलाओं ने कहा कि प्रशासन ने घर तो तोड़ दिए, लेकिन रहने की कोई व्यवस्था नहीं की।
'7 दिन का वादा, 21 दिन का इंतजार'
दलित-आदिवासी महासभा के जिला अध्यक्ष बुद्धसेन साकेत ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने सात दिन में पुनर्वास का आश्वासन दिया था, लेकिन 21 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द जमीन आवंटित नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
एक घंटे तक बंद रहा कलेक्ट्रेट का गेट
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया, जिससे करीब एक घंटे तक अधिकारियों और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। बाद में डिप्टी कलेक्टर रश्मि चतुर्वेदी, एसडीएम एस.पी. द्विवेदी और तहसीलदार वीरेंद्र पटेल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
सगरा में मिलेगी पुनर्वास की जमीन
तहसीलदार वीरेंद्र पटेल ने बताया कि झऊरा गांव में शासकीय भूमि उपलब्ध नहीं है। इसलिए सगरा गांव के पास सरकारी जमीन चिन्हित की गई है। जांच के बाद पात्र आदिवासी परिवारों को वहां भूमि आवंटित की जाएगी। प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन तय समय में इन परिवारों का पुनर्वास कर पाएगा या फिर ये लोग अगली बारिश भी खुले आसमान के नीचे बिताने को मजबूर होंगे।
CONGRESS POLITICIAN MURDERED: रीवा में कांग्रेस नेता अमित कोल की सिगरेट लेने के दौरान चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपी बाइक छोड़कर फरार हो गए, पुलिस CCTV के आधार पर जांच कर रही है।
MP KISAN PROTEST: भोपाल में किसान आंदोलन के बीच सरकार एक्टिव हो गई है। किसानों से बातचीत के लिए कमेटी बनाई गई है और मूंग उपार्जन सीमा बढ़ाने को लेकर शिवराज सिंह चौहान से भी अनुरोध किया गया है।
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है।
पहली टिप्पणी करने वाले बनें!
हर बड़ी ख़बर, ब्रेकिंग न्यूज़ और लेटेस्ट अपडेट्स सीधे अपने इंस्टाग्राम पर पाएं।
Join Now