Dharmendra Pradhan resignation: NEET-UG विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता उनकी पहली प्राथमिकता रही है।
Dharmendra Pradhan resignation:नाई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि वह पिछले चार दशक से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की उम्मीदें और उनकी भावनाएं हमेशा उनके लिए सबसे ऊपर रही हैं।
उन्होंने NEET-UG परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच सीबीआई को सौंपी गई। साथ ही परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजन कराया गया। उन्होंने बताया कि अब अगले साल से NEET परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने का फैसला लिया गया है।
पहले दिन से ली थी जिम्मेदारी
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने NEET विवाद की शुरुआत से ही इसकी जिम्मेदारी ली थी और कभी इससे पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रही कि किसी भी मेहनती छात्र के साथ अन्याय न हो और परीक्षा माफिया की वजह से किसी का भविष्य खराब न हो।
उन्होंने कहा कि 21 जून को दोबारा आयोजित NEET परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी हुई और 16 जुलाई को जारी हुए परिणामों में कई गरीब परिवारों के छात्रों ने भी सफलता हासिल की।
जंतर-मंतर प्रदर्शन का किया जिक्र
इस्तीफे की वजह बताते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बने हालात से वह काफी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है और छात्रों को भ्रम की स्थिति में नहीं फंसना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन और देश में बने माहौल को देखते हुए उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेज दिया है, ताकि छात्रों का भविष्य किसी कानूनी विवाद में न फंसे और वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें।
राहुल गांधी ने भी उठाई थी इस्तीफे की मांग
बता दें कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी कई बार इस मुद्दे पर सरकार को घेर चुके थे। वहीं, धर्मेंद्र प्रधान ने पहले राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि वह छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।




